श्रमजीवी पत्रकार परिषद की महाकुंभयत्रा के दौरान : आंखों देखा हाल - Pratham Today, Sach Ki Baat SabKe Saath -->

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Wednesday, February 12, 2025

श्रमजीवी पत्रकार परिषद की महाकुंभयत्रा के दौरान : आंखों देखा हाल


पं नलिनीकांत बाजपेई जी राष्ट्रीय संयोजक पत्रकार परिषद की कलम से


महाकुंभ प्रयागराज के जादुई करिश्मा से विश्व चकित* 

*महाकुंभ यात्रा पर लगा विश्व का सबसे बड़ा जाम*

*व्हीआईपी कल्चर की वजह से आमजन संकट में* 

*सरकार लुटेरों पर अंकुश लगाने में* *नाकाम* 

प्रथम टुडे जबलपुर :-- देश में महाकुंभ चल रहा है, देश के कोने कोने से करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार व्यवस्था को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं दूसरी तरफ हाइवे पर जाम लगे हुए हैं पर ऐसा नहीं कि जाम से निपटने प्रदेश सरकार के पास पुख्ता इंतजाम नहीं है ।

उत्तर प्रदेश से सटे राज्यों की सीमाओं में ऐसे अखंड जाम लगे कि प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा विश्व भर में फैल गई, सनातन धर्म संस्कृति पर आमजनों की आस्था विश्वास के महाकुंभ की चर्चाएं विश्व पटल पर हो रही है, शास्त्र सम्मत हैं कि मां भगवती गंगा भगवान शिव के प्रादुर्भूत से उत्पन्न हुई,ऐसी पवित्र गंगा में हरेक व्यक्ति डुबकी लगाना चाहता है इस महाकुंभ में ऐसे ऐसे लोग शामिल हो रहे हैं जो चलने फिरने में असमर्थ हैं नव्बे साल के बूढ़े, छह माह के बच्चे तक शामिल दिखे,पर वाह भगवान शिव गंगा मैया का ऐसा प्रताप इतने भारी जनसैलाब उमड़ने सकुशल मंगलमय चल रहा है, 


राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद परिवार प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित महाकुंभ यात्रा ७ फरवरी शाम ६ बजे एकता चौक विजय नगर से विधिवत पूजन पाठ के साथ सनातनी ध्वज के साथ रवाना हुई, इस मौके पर केविएट दर्ज़ा प्राप्त मंत्री डाक्टर रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक श्री अभिलाष पांडेय, नगर भाजपा अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर,समरसता सेवा के श्री संदीप जैन, कर्मचारी नेता श्री योगेन्द्र दुबे ने पूजन पाठ कर भगवा ध्वज दिखाकर वाहनों को रवाना किया इस मौके पर परिषद के जिला अध्यक्ष श्री विनोद मिश्रा,पत्रकार गृह निर्माण सोसायटी के अध्यक्ष श्री सुरेश कामले,पत्रकार नवनीत दुबे आदि उपस्थित थे ।

रात्रि ७ बजे के करीब हमारी दो बसें व साथ में चार कारें प्रयागराज महाकुंभ यात्रा की ओर निकल गई । रास्ते में हल्के-फुल्के जाम मिलें पर मैहर के बाद से जामों का सैलाब उमड़ पड़ा चाकघाट के बाद से तो यह स्थिति बनी कि गाड़ियां रेंगते हुए प्रयागराज महाकुंभ रात्रि ९ बजे पहुंची कुल मिलाकर जबलपुर से प्रयागराज की यात्रा अवधि २६ घंटे की रही ।

महाकुंभ क्षेत्र मेले की स्थितियां तो सामान्य रही,पर मेले के अंदर व्ही व्हीआईपी कल्चर की वजह से मेला क्षेत्र में प्रवेश घंटों के लिए रोक दिया जाता था इसलिए फोरलेन में जाम की स्थितियां बन गई और ऐसा जाम लगा जिसका असर सिर्फ प्रयागराज तक नहीं बल्कि दूसरे राज्यों की फोरलेन तक कारों, बसों से पट गई ।

रोजाना आने वाले महत्वपूर्ण व्यक्तियों की वजह से ही महाकुंभ में अव्यवस्थाएं बन रही है महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों के कारण ही करोड़ों श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं यदि सरकार के लिए आमजनों से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति है इन महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए दो दिन तीन तय कर देना चाहिए था और ऐसा घोषणा समय पूर्व कर देना थी कि अमुक अमुक तारीख को आम लोगों को गंगा स्नान पर रोक लगा दी गई है ऐसी व्यवस्था से आम श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, केवल लालबत्ती निकलवाने से व्हीआईपी कल्चर खत्म नहीं होना वाला, गंगा स्नान के लिए रोजाना आमजनों को परेशानी का सामना न करना पड़ता यदि  व्हीआईपी के लिए दिन तय कर दिए जाते और ऐसी घोषणा पहले से ही कर दी जाती कि अमुक दिन आमलोगों के लिए गंगा स्नान बंद रहेंगे पर शायद सरकार ऐसा करके  आमलोगों से अलग नहीं होना चाहती थी ऐसा नहीं होने से आमलोगों को कितनी परेशानियां हो रही है इनकी परेशानियों से सरकार व प्रशासन को कोई सरोकार नहीं, प्रयागराज के स्थानीय प्रशासन के दिग्गज अधिकारी केवल और केवल अपनी गाड़ियों के काफिलों के साथ हूटर बजाते हुए भीड़ के बीच अपने नाते-रिश्तेदारों का मनोरंजन कराने में व्यस्त नजर आए और हाई-फाई पुलिस महापुरुषों की सुरक्षा व्यवस्था में लगी नजर आई, महाकुंभ क्षेत्र में प्रवेश पर पुलिस व्यवस्था की नजर तेज दिखी, 

महाकुंभ में किसी भी स्थान पर सांकेतिक चिन्ह नजर नहीं आए जिसको देख आमजन बिना पूछे आगे बढ़ सके, स्थानीय प्रशासन को एक महत्वपूर्ण व्यवस्था यह भी करना चाहिए थी जिसके चलते श्रद्धालुओं को लुटने से बचाया जा सकता था ।

९ तारीख की सुबह प्रयागराज से हम लोग जबलपुर की ओर रवाना हुए हम ज्यों ज्यों आगे की ओर बढ रहे थे हम देख रहे थे कि प्रयागराज महाकुंभ यात्रा में शामिल होने वालों को उत्तर प्रदेश पुलिस प्रवेश करने रोक रही थी हम जैसे जैसे आगे बढ़े, देखते हैं कि फोरलेन कार बसों से भरा पड़ा है आगे बढ़ते गए, भोजन के लिए ढावा खुले है पर व्यवस्थाएं नदारद, जिन ढावों में व्यवस्था भी मिली तो अनाप-शनाप पैसे,

खैर जिस पर्व में करोड़ों लोग शामिल हो रहें हैं ऐसी जगह की व्यवस्था संभालना भगवान की शिव सरकार ही संभाल सकती है योगी सरकार के वश की बात नहीं है ।

महाकुंभ यात्रा के प्रभारी उत्पल कांत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस यात्रा में अनुशासन समिति के प्रदेश प्रमुख श्री विलोक पाठक, अनिरुद्ध पटेरिया, चंद्रशेखर शर्मा, शिव चौरसिया,रमेश मिश्रा आदि का सराहनीय सहयोग रहा।

नलिन कांत बाजपेयी

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