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Wednesday, March 26, 2025

भाजपा नेता पूर्व नगर परिषद के अध्यक्ष से रिश्वत मांगना पड़ा महंगा लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा



प्रथम टुडे MP :--
ग्वालियर अशोकनगर जिले में एक बार फिर से ग्वालियर लोकायुक्त ने कार्रवाई को अंजाम दिया है और मंडी उपनिरीक्षक को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है. दरअसल, भाजपा नेता और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी ने अपनी पत्नी के नाम से कृषि उपज मंडी में व्यावसायिक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. उन्होंने शासन के मापदंड के अनुसार, सभी कार्रवाई करके फाइल जमा कर दी गई.

उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपनिरीक्षक महेंद्र कनेरिया बेमतलब परेशान कर रहे थे. इसके बाद भूपेंद्र द्विवेदी ने लोकायुक्त ग्वालियर में शिकायत की थी. इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने शिकायत सही पाई. फिर बुधवार दोपहर 12 बजे 15 सदस्यीय टीम मौके पहुंची और आरोपी महेंद्र कनेरिया को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया.

 लोकायुक्त ने कार्रवाई को अंजाम दिया है और मंडी उपनिरीक्षक को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है. दरअसल, भाजपा नेता और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी ने अपनी पत्नी के नाम से कृषि उपज मंडी में व्यावसायिक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. उन्होंने शासन के मापदंड के अनुसार, सभी कार्रवाई करके फाइल जमा कर दी गई.

उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपनिरीक्षक महेंद्र कनेरिया बेमतलब परेशान कर रहे थे. इसके बाद भूपेंद्र द्विवेदी ने लोकायुक्त ग्वालियर में शिकायत की थी. इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने शिकायत सही पाई. फिर बुधवार दोपहर 12 बजे 15 सदस्यीय टीम मौके पहुंची और आरोपी महेंद्र कनेरिया को 15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया.

शिक्षा विभाग का एक अधिकारी को भी रिश्वत लेते गिरफ्तार

वहीं, इंदौर लोकायुक्त (Indore Lokayukta) ने मंगलवार को भी रिश्वत लेते हुए एक शिक्षा विभाग के अधिकारी को गिरफ्तार किया था. लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि मंगलवार को सुबह आशुतोष सैनी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की, जिसमें जानकारी दी गई कि वह रामकृष्ण परमहंस विद्यालय के संचालक हैं. उन्होंने स्कूल की मान्यता तीन साल बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग में आवेदन किया था, लेकिन इस आवेदन की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट के बदले विकासखंड स्त्रोत समन्वयक के अफसर माता प्रसाद गौड़ ने 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी है. इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया.

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